- आवास विकास के भूखंड के रास्ते का विवाद बना सियासी और कानूनी टकराव
- दो मुकदमों के बाद तीसरी बार मिनी गुंडा एक्ट की कार्रवाई
- उच्च न्यायालय पहुंचा मामला, उच्चाधिकारियों से होगा जबाव तलब
फर्रुखाबाद, मोहमदाबाद । जिले में जमीन के विवाद ने अब सियासी रंग लेना शुरू कर दिया है। मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गोसरपुर निवासी हाल निवासी जेएनवी रोड फतेहगढ़ अनूप सिंह राठौर उर्फ रच्छू पुत्र स्वर्गीय नरेश प्रताप सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आवास विकास स्थित उनके भूखंड के रास्ते को लेकर विवाद खड़ा कर उन्हें लगातार कानूनी कार्रवाई में उलझाया जा रहा है। इस पूरे मामले में कथित भू-माफिया, सत्ता से नजदीकी और पुलिस से गठजोड़ के आरोप भी लगाए गए हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि भूखंड के रास्ते का विवाद समाप्त कराने के लिए पहले भी मोहम्मदाबाद कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज कराए गए थे। अनूप सिंह का दावा है कि दोनों मुकदमे जांच में फर्जी पाए गए। इसी विवाद को लेकर पूर्व में फतेहगढ़ स्थित सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री का घेराव भी किया गया था।
आरोप है कि इसके बावजूद विवाद थमा नहीं और अब बीती 15 अक्टूबर को मोहम्मदाबाद कोतवाली पुलिस के माध्यम से दूसरी बार मिनी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कराई गई। पीड़ित इसे विरोधियों की साजिश और पुलिस की कथित मिलीभगत का परिणाम बता रहा है।
मामले में राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल को लेकर भी बड़ी चर्चाएं हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विवाद से जुड़े लोग पहले भाजपा विधायक के साथ तस्वीरें दिखाकर प्रभाव जमाते रहे और अब एक बड़े मंत्री के साथ तस्वीरों तथा नाम का सहारा लेकर पुलिस प्रशासन पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अनूप सिंह राठौर का आरोप है कि जानबूझकर एक खास समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे भाजपा और जनपद में पार्टी के सजातीय जनप्रतिनिधियों की छवि प्रभावित हो। और उनसे जबरिया आवास विकास स्थित भूखंड में रास्ते का विवाद खत्म कराया जा सके।
हाईकोर्ट पहुंचे पीड़ित, पत्नी ने दी धरने की चेतावनी
लगातार हो रही कार्रवाई से परेशान अनूप सिंह ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से अपनी बात न्यायालय के सामने रखी है। पीड़ित का कहना है कि वह पूरे मामले को प्रभारी मंत्री और प्रदेश सरकार के सामने भी रखेंगे।
वहीं अनूप सिंह की पत्नी अर्चना राठौर ने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है और कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिला तो वह लखनऊ में गांधी प्रतिमा पर धरना देंगी। उन्होंने किसी अनहोनी की स्थिति में अपने विरोधियों और पुलिस को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
इस प्रकरण को लेकर भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने भी नाराजगी जताई है।
चौकाने वाली बात है कि यदि पूर्व में दर्ज मुकदमे फर्जी पाए गए थे तो उनकी जांच रिपोर्ट क्या कहती है? दूसरी बार मिनी गुंडा एक्ट की कार्रवाई किन तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की गई?
अब निगाहें पुलिस प्रशासन और शासन के रुख पर टिकी हैं। पीड़ित न्यायालय पहुंच चुका है, परिवार सुरक्षा की मांग कर रहा है और जनप्रतिनिधि भी नाराजगी जता रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है।




