कानपुर में 22 क्विंटल दुर्गंधयुक्त खोया और हापुड़ में 28 क्विंटल पनीर पकड़ा, एक सप्ताह में 60 क्विंटल असुरक्षित खाद्यy पदार्थ नष्ट
लखनऊ। दीपावली के त्योहार को देखते हुए प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने अभियान तेज कर दिया है। प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य पदार्थों की ढुलाई करने वाले वाहनों से लेकर मिठाई की दुकानों और प्रतिष्ठानों तक सघन जांच की जा रही है।
अभियान के दौरान प्रदेश के 12 टोल नाकों और प्रमुख चौराहों पर 48 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान कानपुर में 22 क्विंटल दुर्गंधयुक्त खोया और हापुड़ में 28 क्विंटल पनीर की खेप पकड़ी गई। जांच में असुरक्षित पाए जाने पर दोनों खेपों को नष्ट करा दिया गया। एक सप्ताह के अभियान में कुल 60 क्विंटल असुरक्षित खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए हैं।
मऊ में 230 किलो असुरक्षित खोया और रामपुर में 350 लीटर दूध पकड़ा गया। बाराबंकी और उन्नाव में भी असुरक्षित पनीर बरामद हुआ। वहीं गौतमबुद्धनगर में संदिग्ध पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
मिलावट के लिए रसायनों के इस्तेमाल के मामलों में मुरादाबाद, बुलंदशहर और मथुरा में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर प्रदेश के 32 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
बरेली की न्यू बाजपेई स्वीट्स और धीरज स्वीट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। मुरादाबाद की हुकूमत मिल्क केक और मदनी स्वीट्स के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। वहीं बिना लाइसेंस कारोबार कर रहे बीना मिष्ठान भंडार को बंद करा दिया गया।
1.40 करोड़ रुपये के खाद्य पदार्थ जब्त
प्रदेशभर में अब तक 1,533 निरीक्षण किए जा चुके हैं और 731 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। कार्रवाई के दौरान करीब 1.40 करोड़ रुपये मूल्य के लगभग 56 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग की ओर से त्योहार के दौरान भी अभियान जारी रखने की तैयारी है, ताकि लोगों को मिलावट रहित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।




