लखनऊ। तेलीबाग क्षेत्र में स्कूल बस की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए देवेंद्र कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद से ट्रामा सेंटर में भर्ती देवेंद्र ने 24 अक्टूबर की रात दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से मुआवजे की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। देवेंद्र की पत्नी क्रांति ने परिवार के भविष्य को देखते हुए एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और तीनों बच्चों के लिए नौकरी की मांग की है।
बरौली निवासी देवेंद्र कुमार ठेकेदारी का काम करते थे। उनके तीन बच्चे वृंदावन सेक्टर-9 स्थित एनकेएम स्कूल में पढ़ते हैं। परिजनों के मुताबिक, 14 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे देवेंद्र मोटरसाइकिल से बच्चों की फीस जमा करने जा रहे थे। इसी दौरान वृंदावन सेक्टर-12 चौराहे के पास सामने से आ रही स्कूल बस ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
दुर्घटना के बाद घायल देवेंद्र को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द स्वस्थ होकर घर लौट आएंगे, लेकिन दस दिन बाद उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता भी खड़ी हो गई है।
देवेंद्र की पत्नी क्रांति ने स्कूल प्रबंधन से एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और अपने तीनों बच्चों के लिए नौकरी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारी देवेंद्र पर थी और उनकी मौत के बाद बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी मांग को लेकर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
घटना के बाद परिजनों ने अपनी मांगों को लेकर हंगामा भी किया। उनका कहना है कि परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलने के संबंध में ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए। वहीं, मामले को लेकर पुलिस परिजनों को समझाने और बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रही है।
इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने बताया कि परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में बातचीत जारी है।
बच्चों की फीस जमा करने निकले देवेंद्र की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। जिस पिता की जिम्मेदारी बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को संवारने की थी, उनकी असमय मौत ने परिवार को मुश्किल परिस्थिति में डाल दिया है। अब परिजन मुआवजे और बच्चों के भविष्य को लेकर उचित निर्णय की मांग कर रहे हैं।

