फर्रुखाबाद। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस सेवाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि जरूरत के समय मरीजों को एंबुलेंस के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े और उन्हें जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।
जनपद में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा दुर्घटना, अचानक तबीयत बिगड़ने और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं, 102 एंबुलेंस सेवा मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए संचालित की जाती है। इन दोनों सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में एंबुलेंस की उपलब्धता के साथ ही उसका सही स्थान पर तैनात रहना भी जरूरी है। मरीज की सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस कितनी जल्दी मौके पर पहुंचती है और वहां से अस्पताल तक पहुंचाने में कितना समय लगता है, ये सभी पहलू सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की उपलब्धता, तैनाती वाले स्थानों और मरीजों तक पहुंचने में लगने वाले समय को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। कई बार गांवों से अस्पताल की दूरी अधिक होने के कारण आपातकालीन स्थिति में परिवहन की जरूरत और बढ़ जाती है। ऐसे में एंबुलेंस सेवा का सुचारु संचालन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। विभाग का प्रयास है कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।
गर्भवती महिलाओं के लिए 102 एंबुलेंस सेवा को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गर्भावस्था के दौरान जांच, प्रसव और अन्य जरूरी चिकित्सा सेवाओं के लिए अस्पताल पहुंचना आवश्यक होता है। ऐसे में महिलाओं को सुरक्षित और समय पर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए इस सेवा की उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग इस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर ध्यान दे रहा है।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में संबंधित अधिकारियों और एंबुलेंस सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर रहेगा। उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करने, एंबुलेंस संचालन में आने वाली समस्याओं की पहचान करने और उनका समय से समाधान करने की जरूरत बताई गई है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को परिवहन सुविधा मिलने में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिल सकती है।
