फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जनपद में 20 नवंबर को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। क्रिश्चियन इंटर कॉलेज मैदान में होने वाले इस आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शासन की ओर से जिले को कुल 703 जोड़ों का विवाह कराने का लक्ष्य दिया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी शालिनी ने बताया कि जिलाधिकारी की स्वीकृति मिलने के बाद समारोह की तिथि निर्धारित की गई है। प्रशासन की ओर से पात्र जोड़ों को योजना का लाभ दिलाने और आयोजन की व्यवस्थाएं पूरी करने की तैयारी की जा रही है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार, योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। इसके अलावा 21 हजार रुपये की वैवाहिक उपहार सामग्री दी जाएगी। शेष 15 हजार रुपये समारोह के आयोजन, भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल और बिजली जैसी व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाएंगे। इस तरह योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही विवाह समारोह की सामूहिक व्यवस्था भी की जाएगी।

योजना का लाभ लेने के लिए कन्या अथवा उसके अभिभावक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। विवाह के दिन कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। इसके साथ ही परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता उपलब्ध कराना है।

इस योजना में केवल अविवाहित कन्याओं के विवाह ही नहीं, बल्कि विधवा, परित्यक्ता और कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह को भी शामिल किया गया है। प्रशासन के अनुसार, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री और स्वयं दिव्यांग कन्या को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को आवेदन के साथ संबंधित जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। योजना का लाभ सभी धर्मों और समुदायों के पात्र परिवारों को दिया जाएगा।

पात्र जोड़े योजना का लाभ लेने के लिए समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट https://www.cmsvy.upsdc.gov.in पर कन्या के नाम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिन जरूरतमंद परिवारों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो, उनके लिए नगर पालिका, नगर पंचायत और विकास खंड कार्यालयों में भी निःशुल्क आवेदन भरवाने की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक विवाह योजना के तहत पंजीकरण के नाम पर किसी प्रकार का शुल्क या दान नहीं लिया जाएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में योजना की जानकारी अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए होर्डिंग, बैनर और पंपलेट के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पात्र जोड़े आवेदन करें और उन्हें योजना का लाभ मिल सके।