जनशिकायतों और आईजीआरएस मामलों के निस्तारण में लापरवाही पर कार्रवाई, सभी के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश; पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

लखनऊ। राजधानी में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय कार्यों में रुचि नहीं लेने, उदासीनता बरतने और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण नहीं करने के आरोप में 12 उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर ने सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि आम जनता की शिकायतों का निस्तारण थाने और चौकी स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय सीमा में किया जाए। इसके बावजूद लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।

इन 12 उपनिरीक्षकों पर हुई कार्रवाई

* राखी – चौकी प्रभारी विवेक खंड, गोमतीनगर।

* मनोज कुमार सिंह – चौकी प्रभारी जलसेतु, चिनहट।

* दिवाकर सरोज – चौकी प्रभारी शिवानी विहार, गुडंबा।

* वीर विक्रम सिंह – चौकी प्रभारी बस स्टैंड, आलमबाग।

* दीपक पाण्डेय – चौकी प्रभारी नौबस्ता, मड़ियांव।

* अशोक यादव – चौकी प्रभारी इंदौरा बाग, बीकेटी।

* दीपक कुमार – सुशांत गोल्फ सिटी थाना।

* अतुल सिंह – मोहनलालगंज थाना।

* भगवान सिंह – दुबग्गा थाना।

* रजत सिंह – वजीरगंज थाना।

* भारत सिंह – पारा थाना।

* अनिल भगत – गौतमपल्ली थाना।

जनता की शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आईजीआरएस और अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर की इस कार्रवाई से लखनऊ पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। अब थाना और चौकी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की कार्यप्रणाली पर विशेष निगरानी रहने की संभावना है।