क्राइस्टचर्च
भारतीय क्रिकेट टीम ने ऐसा रोमांचक मुकाबला जीता, जिसमें एक समय जीत की उम्मीद लगभग खत्म होती दिखाई दे रही थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 14.5 ओवर में 112 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे। टीम को जीत के लिए 31 गेंदों में 69 रन की जरूरत थी और मैदान पर मौजूद दर्शकों से लेकर टीवी पर मैच देख रहे प्रशंसकों तक को लगने लगा था कि अब मुकाबला हाथ से निकल सकता है। लेकिन तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने हार मानने के बजाय आक्रामक बल्लेबाजी का रास्ता चुना। दोनों ने दबाव के बीच रन बनाने की रफ्तार बढ़ाई और आखिरी ओवर की एक गेंद शेष रहते भारत को जीत दिला दी। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।
भारत की पारी को संभालने की जिम्मेदारी तिलक और नीतीश ने उस समय उठाई, जब टीम मुश्किल स्थिति में थी। दोनों ने क्रीज पर टिककर खेलने के साथ खराब गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाने की रणनीति अपनाई। तिलक वर्मा ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन की पारी खेली, जबकि नीतीश रेड्डी ने 13 गेंदों में 26 रन बनाकर उनका शानदार साथ दिया। दोनों की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। जिस लक्ष्य तक पहुंचना एक समय बेहद मुश्किल लग रहा था, उसके लिए भारतीय बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाए। करीब 40 मिनट तक चली इस साझेदारी में तिलक और नीतीश ने गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और न्यूजीलैंड को वापसी का मौका नहीं दिया।
मैच का निर्णायक मोड़ 19वें ओवर में आया, जब न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन गेंदबाजी करने पहुंचे। 18 ओवर पूरे होने के बाद भारत का स्कोर 152 रन था और छह विकेट गिर चुके थे। तिलक ने ओवर की पहली गेंद पर चौका लगाया। दूसरी गेंद पर भी उन्हें चार रन मिले, जबकि तीसरी गेंद पर वह चूक गए। इसके बाद चौथी गेंद पर फिर चौका जड़कर उन्होंने रन गति बनाए रखी। पांचवीं गेंद पर गेंदबाज ने उन्हें चकमा दिया, लेकिन आखिरी गेंद पर तिलक ने छक्का लगाकर भारतीय खेमे में उत्साह भर दिया। इस ओवर में आए रनों ने आखिरी ओवर के लिए समीकरण आसान कर दिया। अब भारत को जीत के लिए छह गेंदों में 11 रन बनाने थे। दबाव के बावजूद तिलक ने आक्रामक अंदाज जारी रखा और अपनी अर्धशतकीय पारी पूरी करते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया।
आखिरी ओवर में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी के सामने नीतीश रेड्डी और तिलक वर्मा ने संयम तथा आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाया। पहली गेंद पर नीतीश ने एक रन लेकर तिलक को स्ट्राइक दी। तिलक ने अगली गेंद पर चौका लगाया और फिर दौड़कर दो रन हासिल किए। चौथी गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने स्ट्राइक नीतीश को सौंप दी। इसके बाद डफी की गेंद वाइड हो गई, जिससे भारत को एक अतिरिक्त रन और एक अतिरिक्त गेंद मिली। अगली ही गेंद पर नीतीश ने दो रन दौड़कर पूरे किए और भारत ने चार विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। जीत के बाद नीतीश ने आधी पिच से ही अपनी बाईं मुट्ठी उठाकर जश्न मनाया। मुश्किल हालात में दोनों बल्लेबाजों की इस साझेदारी ने न केवल भारत को यादगार जीत दिलाई, बल्कि सीरीज में टीम की स्थिति भी मजबूत कर दी। अब पांच मैचों की इस सीरीज में भारत 2-0 से आगे है।

