अमरावती/भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। तूफान के प्रभाव से राज्य के कई इलाकों में 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की खबर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश में अब तक पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि 31 घरों को नुकसान पहुंचा है। तूफान के खतरे को देखते हुए करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, मृतकों और नुकसान के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

तूफान का असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है। एहतियात के तौर पर करीब 50 ट्रेनों को रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम हवाई अड्डों पर 21 उड़ानें रद्द होने की खबर है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने 13 शहरों में अचानक बाढ़ आने की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क और सार्वजनिक परिवहन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। आपातकालीन सेवाओं को तैयार रहने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आंध्र प्रदेश के साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी तूफान और भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक, ओडिशा के 16 जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं, जबकि करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दोनों राज्यों में लोगों को ठहराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगभग 4,000 चक्रवात राहत केंद्र तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है। इन केंद्रों में प्रभावित परिवारों को आश्रय देने के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से समुद्र तटों, निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की गई है।

विशाखापट्टनम में भारी बारिश का असर विशेष रूप से दर्ज किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक करीब 18 घंटे की अवधि में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। तुलना के लिए दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, शहर में जुलाई महीने की औसत बारिश लगभग 133 मिलीमीटर रहती है। इस लिहाज से 18 घंटे में दर्ज बारिश जुलाई की औसत मासिक बारिश से डेढ़ गुने से भी अधिक बताई गई है। इतनी कम अवधि में भारी बारिश होने से जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन के सामने लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री पहुंचाने और यातायात बहाल करने की चुनौती है। तूफान की स्थिति और उसके प्रभावों को लेकर आगे की जानकारी संबंधित मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।