रामनगरी में तैयारियां तेज, पिछले नौ वर्षों से दीपोत्सव के जरिए बनते रहे हैं नए कीर्तिमान

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष 7 नवंबर को दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। हालांकि, इस बार आयोजन को लेकर एक अहम बात सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पिछले दीपोत्सव में बने रिकॉर्ड को चुनौती देने के लिए इस बार आधिकारिक दावेदारी नहीं होगी।

अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत के बाद से ही यह आयोजन देश-दुनिया में आकर्षण का केंद्र रहा है। हर वर्ष सरयू तट और रामनगरी के प्रमुख स्थलों पर लाखों दीप जलाकर भव्य आयोजन किए जाते रहे हैं। दीपों की रोशनी से सजी अयोध्या की तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रही हैं। पिछले वर्षों में दीप प्रज्ज्वलन के नए कीर्तिमान स्थापित करने के प्रयास किए जाते रहे हैं।

इस बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन नहीं किए जाने के कारण पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की औपचारिक चुनौती सामने नहीं आई है। ऐसे में पूर्व में दर्ज रिकॉर्ड के कायम रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, दीपोत्सव में कितने दीप जलाए जाएंगे और आयोजन का स्वरूप क्या होगा, इसे लेकर आधिकारिक विवरण की प्रतीक्षा है।

दीपोत्सव के मद्देनजर रामनगरी में सजावट, घाटों की व्यवस्था, प्रकाश और अन्य तैयारियों को गति दी जा रही है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

इस वर्ष दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण दीपों से जगमगाती रामनगरी और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम रहेंगे। रिकॉर्ड बनाने की आधिकारिक दावेदारी नहीं होने के बावजूद आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की भागीदारी पर सबकी निगाहें रहेंगी।