अयोध्या: रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) एक बार फिर त्रेतायुग जैसी लगने लगी है। 7 नवंबर को होने वाले 10 वें भव्य दीपोत्सव के लिए रामनगरी पूरी तरह सज-धज गई है। राम की पैड़ी सहित सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख से ज्यादा दीये बिछाने का काम अंतिम चरण में है, जिन्हें हजारों स्वयंसेवक बड़ी सावधानी से सजा रहे हैं। शाम होते ही जब ये दीये एक साथ जलेंगे, तो सरयू तट (Banks of the Saryu) स्वर्ण नगरी जैसा जगमगा उठेगा।

इस बार दीपोत्सव की असली जान होंगी रामायणकालीन झांकियां. साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली भव्य शोभा यात्रा में श्रीराम के जन्म से लेकर वनवास, सीता हरण, लंका विजय और अयोध्या आगमन तक की पूरी कथा जीवंत हो उठेगी। कलाकार दिन-रात रिहर्सल में जुटे हैं, ताकि हर प्रसंग, हर संवाद और हर दृश्य दर्शकों के दिल को छू जाए। 14 से 21 भव्य झांकियां जब रामपथ और धर्मपथ से गुजरेंगी, तो पुष्पवर्षा और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो जाएगा।

दीपोत्सव में इस बार परंपरा के साथ आधुनिकता का भी अद्भुत संगम दिखेगा। राम की पैड़ी पर 250 फीट लंबे फ्लोटिंग मंच पर लेजर और मल्टीमीडिया शो होगा, वहीं 2,100 ड्रोन आसमान में राम, सीता, हनुमान और राम मंदिर की आकृतियां बनाएंगे. 220 टन बालू से बना राम दरबार और 50 फीट लंबी सैंड आर्ट भी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगी।

प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं. कुल मिलाकर इस बार का दीपोत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि अयोध्या के गौरव, भक्ति और संस्कृति का महापर्व बनने जा रहा है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उमड़ेंगे।