लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को बूथ स्तर से लेकर समाज के विभिन्न वर्गों तक सक्रिय करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी अब केवल बड़ी रैलियों और शीर्ष नेताओं के राजनीतिक संदेशों के सहारे चुनावी माहौल बनाने के बजाय छोटे-छोटे सामाजिक समूहों, जातीय बिरादरियों, पेशेवर समुदायों और कारोबारी वर्गों तक सीधी पहुंच बनाने की तैयारी में है। इस चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय संकुल प्रकोष्ठ के संयोजक वीडी शर्मा को सौंपी गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद भाजपा संगठन ने नवगठित प्रकोष्ठों को सक्रिय करने की कवायद शुरू की है। इसी क्रम में वीडी शर्मा सोमवार को राजधानी लखनऊ पहुंचेंगे। यहां वह विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजकों और सह संयोजकों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन की कार्ययोजना, सामाजिक और जातीय समीकरणों तथा अलग-अलग वर्गों के बीच संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
पार्टी की योजना है कि प्रकोष्ठों को केवल संगठनात्मक इकाई तक सीमित न रखकर उन्हें समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संपर्क और संवाद का प्रभावी माध्यम बनाया जाए। इसके तहत जातीय बिरादरियों, सामाजिक संगठनों, पेशेवर समूहों और कारोबारियों के बीच पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर जोर रहेगा। इन समूहों की समस्याओं, अपेक्षाओं और नाराजगी की जानकारी जुटाकर उसे प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने की व्यवस्था भी तैयार की जाएगी।
भाजपा का मानना है कि चुनावी रणनीति को प्रभावी बनाने के लिए समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ लगातार संवाद जरूरी है। पार्टी चाहती है कि सरकार की योजनाओं और संगठन के राजनीतिक संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और किन मुद्दों को लेकर उनमें असंतोष है, इसकी जानकारी भी संगठन के पास पहुंचे।
बैठक में प्रकोष्ठों की जिम्मेदारियां तय करने, उनके कामकाज की रूपरेखा बनाने और प्रदेश संगठन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा होने की संभावना है। सामाजिक समूहों के बीच संपर्क अभियान चलाने और स्थानीय स्तर पर फीडबैक जुटाने की व्यवस्था को चुनावी तैयारी का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। इसके जरिए पार्टी संगठन और आम लोगों के बीच संवाद की कड़ी मजबूत करना चाहती है।
मिशन-2027 के तहत भाजपा की यह कवायद संगठन की पहुंच और प्रभाव का विस्तार करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। पार्टी बूथ स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ाने के साथ समाज के प्रभावशाली और विभिन्न पेशेवर समूहों को भी जोड़ने की कोशिश में है। प्रकोष्ठों की सक्रियता के माध्यम से संगठन का लक्ष्य चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर संपर्क मजबूत करना और अलग-अलग वर्गों की अपेक्षाओं को समझकर अपनी रणनीति तैयार करना है।




