बंगाल की खाड़ी में समुद्री सतह का तापमान बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण मौसम में हलचल बढ़ गई है। इसी के चलते पहले अर्णब तूफान आया और अब मुरासु तूफान ने तेजी पकड़ ली है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा तूफान है, जिसने मौसम विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर देश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के कारण पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बन सकती है। तूफान की दिशा और उसकी तीव्रता के आधार पर इसका प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में पड़ सकता है।

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम के बदलाव पर नजर रखी जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में तापमान और हवा की स्थिति में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं राजस्थान में भी मौसम की परिस्थितियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र के बढ़ते तापमान से चक्रवाती गतिविधियों को ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मुरासु तूफान का सीधा असर कितना होगा, यह उसकी आगे की दिशा और मौसम प्रणाली की स्थिति पर निर्भर करेगा। लोगों को सलाह दी जाती है कि मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।