फर्रुखाबाद। तहसील सदर फर्रुखाबाद के कार्यालय को वर्तमान परिसर से अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच अधिवक्ताओं ने विरोध जताया है। गुरुवार को बार एसोसिएशन तहसील सदर के अध्यक्ष रामेंद्र कटियार और सचिव ओम प्रकाश दुबे उर्फ ओमू के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तहसील सदर के प्रस्तावित स्थानांतरण को रोकने और वर्तमान परिसर में ही कार्यालय संचालित रखने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील को शहर से दूर स्थानांतरित किए जाने से आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसील सदर फर्रुखाबाद का कार्यालय वर्ष 1938 से वर्तमान परिसर में संचालित हो रहा है। वर्ष 2009 में इसी स्थान पर नवीन तहसील कार्यालय का निर्माण कराया गया था। उनका कहना है कि वर्तमान परिसर में तहसील सदर कार्यालय के साथ उपनिबंधक कार्यालय और नगर पालिका कार्यालय भी स्थित हैं। इससे आम लोगों को तहसील, जमीन के पंजीकरण और नगर पालिका से संबंधित कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर नहीं भटकना पड़ता है।

अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि जनपद के फतेहगढ़ में सिविल न्यायालय, चकबंदी न्यायालय और जिला मुख्यालय स्थित हैं, जबकि तहसील सदर, उपनिबंधक कार्यालय और नगर पालिका कार्यालय एक ही परिसर में होने से लोगों को काफी सुविधा मिलती है। समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है कि तहसील सदर के कार्यालय को शहर से दूर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की तैयारी की जा रही है। यदि ऐसा होता है तो आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई स्थानों पर जाना पड़ेगा। इससे बुजुर्गों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को विशेष परेशानी उठानी पड़ सकती है।

अधिवक्ताओं ने वर्तमान भवन की स्थिति का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि परिसर का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त जरूर हुआ है, लेकिन उसकी मरम्मत कराकर कार्यालय को सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है। भवन की पिछली दीवार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई है, जिसे मरम्मत के माध्यम से ठीक कराया जा सकता है। ऐसे में नया स्थान तलाशने और तहसील को स्थानांतरित करने के बजाय मौजूदा भवन की मरम्मत कराना कम खर्चीला और जनहित में बेहतर विकल्प होगा।

अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की कि तहसील सदर के स्थानांतरण की प्रक्रिया को रोका जाए और वर्तमान परिसर में ही आवश्यक मरम्मत कराकर कार्यालय का संचालन जारी रखा जाए। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेंद्र कटियार, सचिव ओम प्रकाश दुबे उर्फ ओमू, राजेश वर्मा, होशियार सिंह राजपूत, प्रभात अवस्थी, हेमराज सिंह राजपूत सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि तहसील का वर्तमान स्थान आम जनता की सुविधा से जुड़ा हुआ है, इसलिए किसी भी बदलाव से पहले जनहित और लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।