लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छह सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में पांच सीटें आईं। सीटों की संख्या के लिहाज से भाजपा ने बढ़त बनाई, लेकिन कुल प्राप्त मतों के मामले में सपा आगे रही। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सपा उम्मीदवारों को भाजपा प्रत्याशियों की तुलना में 3,123 वोट अधिक मिले। वहीं, इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने सबसे बड़े मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

चुनाव में 11 में से 10 सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के प्रत्याशियों के बीच रहा। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र इसका अपवाद रहा, जहां भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच प्रमुख मुकाबला देखने को मिला। इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने 14,580 वोट हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि सपा प्रत्याशी संजय त्रिपाठी 9,503 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। भाजपा ने इस सीट पर जीत दर्ज की।

कुल मतों के आंकड़ों में सपा ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सपा प्रत्याशियों को मिलाकर कुल 2,64,502 वोट मिले। वहीं, भाजपा के सभी उम्मीदवारों को कुल 2,61,379 मत प्राप्त हुए। इस तरह सपा को भाजपा से 3,123 वोट अधिक मिले। हालांकि, ज्यादा कुल मत हासिल करने के बावजूद सपा सीटों की संख्या के मामले में भाजपा से पीछे रही। समाजवादी खेमे में इस प्रदर्शन को वर्ष 2024 के बाद पार्टी की महत्वपूर्ण चुनावी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

सबसे बड़ी जीत इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज की गई। यहां सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा के अशोक कुमार राठौर को 27,663 मतों के बड़े अंतर से हराया। डॉ. मान सिंह यादव को कुल 60,358 वोट मिले। इस जीत के साथ वह 11 सीटों के चुनाव में सबसे अधिक मतों के अंतर से जीतने वाले प्रत्याशी बने।

वहीं, सबसे करीबी मुकाबला गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हुआ। यहां भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को 2,210 मतों के अंतर से पराजित किया। इस सीट पर सपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे। कुल मिलाकर चुनाव परिणामों में भाजपा ने सीटों के लिहाज से बढ़त कायम रखी, जबकि सपा ने कुल मतों में अधिक समर्थन हासिल कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।