पटना। बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार की जीत की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें जीत की बधाई और शुभकामनाएं दीं। जीत के बाद डॉ. संजीव ने एनडीए प्रत्याशी डॉ. नवल किशोर यादव पर निशाना साधते हुए शिक्षकों की समस्याओं और उनके हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षकों से किए गए वादों को पूरा करने और उनके हित में काम करने का भरोसा दिलाया।
कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. एनके यादव ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाई। अंतिम परिणामों के अनुसार, उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 11 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया। प्रथम वरीयता के मतों में डॉ. यादव को 24,528, राजद के नितेश कुमार को 18,918 और जन सुराज के रजनीश रंजन को 15,536 वोट मिले। जीत के लिए निर्धारित कोटा पूरा नहीं होने पर द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती की गई, जिसके बाद डॉ. यादव की जीत सुनिश्चित हुई। निर्वाची पदाधिकारी ने उन्हें प्रमाणपत्र सौंपा। इसके बाद समर्थकों ने मतगणना केंद्र के बाहर जश्न मनाया।
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी ने बढ़त बनाए रखी। मतगणना के दसवें राउंड तक उन्हें 25,090 वोट मिले, जबकि एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी अभिषेक झा को 19,771 मत प्राप्त हुए। राजद प्रत्याशी रश्मि विनायक गौतम 14,674 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस चरण में बृजवासी की बढ़त 5,319 मतों की हो गई। शुरुआती राउंड में मुकाबला करीबी था, लेकिन बाद के राउंड में निर्दलीय प्रत्याशी ने बढ़त बढ़ा ली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस समय तक तिरहुत सीट का अंतिम परिणाम घोषित नहीं हुआ था।
कोसी और तिरहुत के अलावा अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों पर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। कोसी में भाजपा की जीत ने पार्टी समर्थकों में उत्साह बढ़ाया, जबकि पटना शिक्षक सीट पर राजद प्रत्याशी की जीत से पार्टी को मजबूती मिली। तिरहुत में निर्दलीय प्रत्याशी की बढ़त ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। इन नतीजों में शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। हालांकि, प्रत्येक सीट के अंतिम परिणाम को निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक घोषणा के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
बिहार एमएलसी चुनाव के इन नतीजों के बीच शिक्षकों के मुद्दे, मतदाताओं की प्राथमिकताएं और राजनीतिक दलों की रणनीति चर्चा के केंद्र में हैं। पटना शिक्षक सीट पर जीत के बाद डॉ. संजीव कुमार ने शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता देने का वादा किया, जबकि कोसी में डॉ. एनके यादव ने लगातार तीसरी जीत हासिल की। तिरहुत में वंशीधर बृजवासी की बढ़त ने राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज कर दी। चुनाव के शेष परिणामों और आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही विधान परिषद की विभिन्न सीटों की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

