- 5 लाख अमिट स्याही की खरीद के लिए निविदा जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में इस्तेमाल होने वाली लगभग 5 लाख अमिट स्याही की खरीद के लिए निविदा जारी कर दी है। आयोग की ई-निविदा संबंधी जानकारी के अनुसार, यह स्याही सिल्वर नाइट्रेट से निर्मित होगी और भारतीय मानक IS 13209:2024 के अनुरूप 10 मिलीलीटर की शीशी में ब्रश सहित उपलब्ध कराई जानी है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने संबंधी निर्देश के बाद चुनावी तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अब निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं, मतदाता सूची, आरक्षण प्रक्रिया और चुनाव सामग्री की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित है।

राज्य निर्वाचन आयोग की निविदा सूचना के मुताबिक, प्रक्रिया 22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की गई। निविदा दस्तावेज डाउनलोड करने और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 27 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे निर्धारित है। निविदाएं 2 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजे खोली जाएंगी।

निविदा में लगभग 5 लाख शीशियों की आपूर्ति का उल्लेख है। चयनित आपूर्तिकर्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्याही और लगाने वाला ब्रश उपलब्ध कराना होगा। निविदा दस्तावेज में आपूर्ति की अवधि 35 दिन बताई गई है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 14 अक्टूबर को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन महीने के भीतर कराने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से चुनाव कराने का पूरा कार्यक्रम तैयार कर प्रस्तुत करने की अपेक्षा भी जताई।

पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए मतदान कराया जाता है। अमिट स्याही मतदाताओं की उंगली पर लगाई जाती है, जिससे दोबारा मतदान करने की संभावना को रोकने में मदद मिलती है। इसलिए इसकी समय पर खरीद और उपलब्धता चुनाव प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंचायत निर्वाचक नामावलियों के व्यापक पुनरीक्षण से संबंधित निर्देश उपलब्ध हैं। चुनाव की तैयारी में मतदाता सूची का अद्यतन, आरक्षण निर्धारण, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और आवश्यक चुनाव सामग्री की उपलब्धता जैसी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी।

फिलहाल स्याही खरीद की निविदा जारी होना चुनावी तैयारियों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इसे चुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जाना चाहिए। मतदान कार्यक्रम, नामांकन और मतगणना की तारीखों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की औपचारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।