शमशाबाद, फर्रुखाबाद। नगर पंचायत शमशाबाद में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई नई पाइपलाइन पहली बार पानी का दबाव भी नहीं झेल सकी। पानी की आपूर्ति शुरू होते ही पाइपलाइन कई स्थानों पर फट गई, जिससे सड़कों और गलियों में पानी भर गया। देखते ही देखते मोहल्लों के रास्ते तालाब में तब्दील हो गए। कई जगह घुटनों तक पानी भरने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया, जबकि पानी आसपास के खेतों में भी घुस गया। नई पाइपलाइन की पहली ही बार में इस तरह क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रविवार को शमशाबाद में ढाई घाट रोड स्थित चौमुखी महादेव मार्ग समेत कई स्थानों पर पाइपलाइन फटने की घटनाएं सामने आईं। मोहल्ला तराई में मुकीम की चक्की के पास दो जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा अकबरपुर दामोदर और भुलभुलागंज तिराहे के पास भी जमीन फाड़कर पानी बाहर निकलने लगा। पाइपलाइन से तेजी से निकलते पानी के कारण सड़कों और गलियों में जलभराव हो गया। लोगों के मुताबिक, कई स्थानों पर पानी इतना भर गया कि पैदल निकलना भी कठिन हो गया। स्थानीय निवासियों को अपने घरों से बाहर निकलने और रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
पानी का दबाव बढ़ने के साथ ही जमीन के भीतर बिछाई गई पाइपलाइन के अलग-अलग स्थानों से फटने की सूचना मिलने लगी। सड़क पर बहते पानी ने आसपास के रास्तों को जलमग्न कर दिया। गलियों में जमा पानी के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। वहीं, कुछ स्थानों पर पानी खेतों में पहुंच गया, जिससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई नई लाइन से उन्हें बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पहली बार पानी छोड़े जाने पर ही ऐसी स्थिति बन गई।
पाइपलाइन फटने की घटनाओं के बाद लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पाइपलाइन बिछाते समय निर्धारित मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि पाइपों के जोड़ ठीक से मजबूत नहीं किए गए और कुछ स्थानों पर जोड़ कमजोर छोड़े जाने की आशंका है। इसी वजह से पानी का दबाव बढ़ते ही लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, पाइपलाइन फटने के वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि जिस नई पाइपलाइन से नगरवासियों को पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद थी, उसी ने पहली बार पानी छोड़े जाने पर जलभराव की समस्या पैदा कर दी। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि शुरुआत में ही पाइपलाइन जगह-जगह से फट रही है, तो भविष्य में नियमित जलापूर्ति के दौरान क्या स्थिति बनेगी। उनका कहना है कि निर्माण कार्य पर खर्च होने वाले सरकारी धन का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए और काम की गुणवत्ता की जांच जरूरी है।
जलभराव से परेशान लोगों ने नगर पंचायत शमशाबाद से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत जल्द कराई जाए, ताकि पानी का अनावश्यक बहाव रोका जा सके और गलियों तथा संपर्क मार्गों पर जमा पानी से राहत मिले। इसके साथ ही पाइपलाइन निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, जोड़ों की मजबूती और कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
लोगों की मांग है कि केवल क्षतिग्रस्त स्थानों की मरम्मत तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि पूरी पाइपलाइन व्यवस्था की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जिन स्थानों पर पानी का दबाव पड़ने से लाइन फटी है, वहां स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। यदि समय रहते पाइपलाइन की कमियों को दूर नहीं किया गया, तो आगे भी पानी की आपूर्ति के दौरान सड़कें जलमग्न होने और लोगों को परेशानी होने की आशंका बनी रहेगी।

