उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब पुलिसकर्मी तीन साल से अधिक समय तक एक ही थाना या चौकी पर तैनात नहीं रह सकेंगे। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (DGP) ने आदेश जारी किया है। इस कदम का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मियों की व्यवस्था की समीक्षा करना है।
डीजीपी के निर्देश के बाद प्रदेशभर के पुलिस विभागों से संबंधित पुलिसकर्मियों का ब्योरा मांगा गया है। इसमें यह जानकारी जुटाई जा रही है कि कौन-कौन से पुलिसकर्मी एक ही थाना या चौकी पर निर्धारित अवधि से अधिक समय से तैनात हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इस आदेश के तहत थानों और चौकियों में तैनात पुलिसकर्मियों की तैनाती अवधि की जांच की जाएगी। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मियों के तबादले को लेकर विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती में बदलाव होने की संभावना है।
पुलिस विभाग की इस पहल से प्रदेश में तैनाती व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अब सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों के अनुसार जानकारी उपलब्ध करानी होगी। हालांकि, तबादलों की प्रक्रिया, लागू होने की समयसीमा और किन श्रेणियों के पुलिसकर्मियों पर यह नियम लागू होगा, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगी।

