कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आपातकाल को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उस समय जो भी फैसले लिए गए थे, वे संवैधानिक दायरे में रहकर किए गए थे। उन्होंने आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए इंदिरा गांधी के फैसलों का समर्थन किया।

एक इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।

सोनिया गांधी ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक परंपराओं को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लगातार कमजोर किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने उम्मीद जताई कि भारतीय मतदाता देश में सुशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सोनिया गांधी के इस बयान से आपातकाल और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।