नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्वाड देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि क्वाड देशों के लिए अपनी पसंद के अनुसार आर्थिक और रणनीतिक फैसले लेने की आजादी बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।
जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में तकनीक, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाना जरूरी है। किसी एक देश या सीमित स्रोत पर निर्भरता कम करने के लिए क्वाड देशों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की बाधा से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
विदेश मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के विकास और उनके बेहतर इस्तेमाल के लिए सदस्य देशों के बीच साझेदारी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही गैर-बाजार प्रथाओं और आर्थिक दबावों का मिलकर मुकाबला करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि बनाए रखने के लिए क्वाड देशों का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आर्थिक सुरक्षा, तकनीकी साझेदारी और स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की क्षमता मजबूत करके सदस्य देश क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं।




