फर्रुखाबाद।उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी एसोसिएशन ने परिषद के अधीन कार्यरत कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने इस संबंध में 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित पत्र जारी कर कर्मचारियों को मिल रहे लाभों में विसंगतियों को दूर करने की मांग की है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ अवस्थी, महामंत्री अरशद सिद्दीकी और कोषाध्यक्ष अनुराग सक्सेना की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि संगठन की 21 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा की गई थी। बैठक में सामने आए मुद्दों को शासन और विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा गया है।
पत्र में शासनादेश के तहत परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि परिषद के विद्यालयों में कार्यरत लिपिकीय संवर्ग, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और अन्य पात्र कर्मियों को भी इस सुविधा का लाभ दिलाया जाना चाहिए।
एसोसिएशन ने उपार्जित अवकाश को लेकर भी विसंगति उठाई है। पत्र के अनुसार, कार्यालयों में कार्यरत कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उपार्जित अवकाश का लाभ मिल रहा है, जबकि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत समान संवर्ग के कर्मचारियों को इससे वंचित रहने की शिकायत है। संगठन ने सभी पात्र कर्मचारियों को समान आधार पर लाभ देने की मांग की है।
पत्र में कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष दीपावली से पूर्व मिलने वाले बोनस का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया है। एसोसिएशन ने कहा है कि परिषद के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को नियमानुसार बोनस का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र कर्मचारी दीपावली से पहले इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा, उपार्जित अवकाश और बोनस का लाभ समान रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

