दिल्ली में भाजपा ने निकाली पदयात्रा
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि SIR के जरिए मतदाता सूची में सुधार किया गया है और इसमें ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम अब भी सूची में दर्ज हैं। इसके अलावा कुछ मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज होने का मुद्दा भी उठाया। नितिन नवीन ने दावा किया कि बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं, जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं, जबकि कुछ अन्य मतदाताओं का पता नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने ऐसी प्रविष्टियों को ‘घोस्ट वोटर्स लिस्ट’ बताते हुए कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना जरूरी है। हालांकि, इन दावों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और सत्यापन रिपोर्ट का परीक्षण आवश्यक है।
नितिन नवीन ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे पुरानी मतदाता सूची को बनाए रखना चाहते थे, ताकि उनके राजनीतिक हित पूरे होते रहें। उन्होंने कहा कि भाजपा व्यवस्था को साफ करने और मतदाता सूची में सुधार करने में विश्वास रखती है। उनके मुताबिक, मृत मतदाताओं के नाम हटाना, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों की जांच करना और जिन मतदाताओं का पता नहीं चल रहा है, उनकी स्थिति का सत्यापन करना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, SIR को लेकर विपक्षी दलों ने विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची से नाम हटने और पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंकाएं जताई हैं। ऐसे में पूरी प्रक्रिया के दौरान सही सत्यापन, पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं को अपने अधिकारों से वंचित न होने देना महत्वपूर्ण है।
इसी बीच, भाजपा ने दिल्ली में SIR और मतदाता सूची में सुधार के समर्थन में पदयात्रा निकाली। यह पदयात्रा गौरी शंकर मंदिर से शुरू होकर टाउन हॉल तक पहुंची। करीब 500 मीटर लंबी इस पदयात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पार्टी के अन्य नेता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मतदाता सूची को व्यवस्थित बनाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी नेताओं ने SIR को मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया। पदयात्रा के जरिए भाजपा ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष जनता के सामने रखने का प्रयास किया।
मतदाता सूची का शुद्धिकरण चुनावी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसमें निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। मृत मतदाताओं के नामों का सत्यापन, दोहरी प्रविष्टियों की जांच और मतदाताओं के पते की पुष्टि निर्धारित नियमों के अनुसार की जानी चाहिए। साथ ही, किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हटने पर उसे सुधार का उचित अवसर मिलना चाहिए। नितिन नवीन के बयान और भाजपा की पदयात्रा के बाद SIR को लेकर राजनीतिक बहस फिर चर्चा में आ गई है। इस मुद्दे पर अंतिम निष्कर्ष निर्वाचन आयोग के प्रमाणित आंकड़ों, सत्यापन प्रक्रिया और संबंधित शिकायतों के निपटारे के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

