10 से 20 वर्षों से कर रहे काम, वेतन विसंगति और नौकरी की असुरक्षा को लेकर जताई नाराजगी; मांग पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

फर्रुखाबाद। विद्युत विभाग में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत लंबे समय से काम कर रहे मीटर रीडरों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई है। उनका कहना है कि वे पिछले 10 से 20 वर्षों से घर-घर जाकर बिजली मीटर की रीडिंग लेने और उपभोक्ताओं तक बिल पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन इतनी लंबी सेवा के बावजूद उन्हें नौकरी में स्थायित्व और उचित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

मीटर रीडरों ने आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त कर उन्हें सेवा निगम में शामिल करने की मांग की है। उनका कहना है कि विभागीय कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। वे नियमित रूप से उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर मीटर रीडिंग करते हैं और बिजली बिल वितरण की जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा शर्तों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

शुक्रवार को मीटर रीडरों ने अपनी मांगों को लेकर अधिशासी अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने वेतन विसंगति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उन्हें वेतन और अन्य सुविधाओं में समानता नहीं मिल रही है। आउटसोर्स व्यवस्था के कारण नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी लगातार चिंता बनी रहती है।

कर्मचारियों का कहना है कि 10 से 20 वर्षों तक सेवा देने के बाद भी उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें सेवा निगम में शामिल किया जाए, जिससे नौकरी में स्थायित्व के साथ उचित वेतन और अन्य सुविधाएं मिल सकें।

मीटर रीडरों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल विभाग की ओर से उनकी मांगों पर किसी निर्णय या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।