नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे को ‘भ्रामक, छलपूर्ण और चालबाजी से परिपूर्ण दस्तावेज’ करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देने के बजाय अपने हलफनामे के जरिए विवाद को ढकने की कोशिश की है।
कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने इस मामले में आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हलफनामे में दी गई दलीलें आयोग के लिए ही नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। पार्टी का मानना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और चुनाव आयोग को उठाए जा रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए।
जयराम रमेश ने अपने बयान में धोखा देने और उलझन पैदा करने की प्रवृत्ति को लेकर भी टिप्पणी की। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े फैसलों, प्रक्रियाओं और नियमों को लेकर किसी भी तरह की अस्पष्टता दूर की जानी चाहिए। हालांकि, कांग्रेस के आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग हो सकता है और मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा।
SIR विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच कांग्रेस के इस बयान से राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। पार्टी चुनाव आयोग के हलफनामे और पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, जबकि आयोग ने अदालत में अपना पक्ष रखा है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों पर नजर रहेगी।

