➡️शासन ने जारी किया आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम मानदेय का लाभ देने से संबंधित आदेश
लखनऊ। प्रदेश में कार्यरत 5 लाख से भी अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, 2024 से लगातार कार्य कर रही थी। परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण से अवगत कराया था।
मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारियों को शोषण से मुक्ति दिलाने का आश्वासन संयुक्त परिषद को दिया था। 19 सितंबर 2025 को शासन ने एक आदेश जारी कर उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन करते हुए विभिन्न श्रेणी के पदों पर नियुक्ति की पारदर्शी प्रक्रिया एवं न्यूनतम मानदेय का निर्धारण कर दिया था। शासन द्वारा निर्धारित किए गए न्यूनतम पारिश्रमिक के आधार पर चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी को न्यूनतम 20000 ,श्रेणी 3 के कर्मचारियों को 22000, श्रेणी 2 के कर्मचारियों को 25000 तथा श्रेणी एक के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 40000 का मानदेय निर्धारित किया गया है।
शासन के सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष चौहान ने 2 नवंबर को प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को शासनादेश दिनांक 19 सितंबर 2025 के अनुरूप पारिश्रमिक का भुगतान करने के आदेश निर्गत कर दिए हैं। निर्गत किए गए आदेश का लाभ प्रदेश के 5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को 2 सितंबर 2026 से मिलेगा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी, कार्यवाहक अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण दुबे, महामंत्री अरुणा शुक्ला, उपाध्यक्ष डीके त्रिपाठी, सुबोध नारायण झा, शिवाकांत द्विवेदी, एच बी मणि त्रिपाठी , हर्ष कुमार सिंह, दिनेश कुमार उपाध्याय ,सतीश मिश्रा, कुसुम लता यादव, हेमंत पाठक, अतुल कुमार सिंह, राजेंद्र पाल, निरंजन कुमार श्रीवास्तव, रमेश चंद्र राय, गोविंद सिंह, सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़े हुए मानदेय के लाभ का आदेश जारी करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन द्वारा निर्गत किए गए इस आदेश से आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।पहले कर्मचारियों से सेवा प्रदाता एजेंसियां जीएसटी भी वसूल करती थीं।
अब सेवा प्रदाता को दिया जाने वाला सेवा शुल्क एवं UPCOS का सेंटेज चार्ज सरकार जमा करेगी। कर्मचारी से 12% की दर से ईपीएफ ,एवं 0.75% डर से ESI कटौती की जाएगी, जबकि नियोक्ता को कर्मचारियों के खाते में 12% ईपीएफ एवं 3.25% ESI जमा करना होगा। श्रेणी- 4 के कर्मचारी का मासिक पारिश्रमिक 17646 निर्धारित किया गया है, जोकि इपीएफ एवं ESI कटौती के बाद 15396 मिलेगा।
श्रेणी- 4 के कर्मचारी से 2249 . 87 की इपीएफ, ESI कटौती की जाएगी जबकि नियोक्ता को इपीएफ ,ESI ,सर्विस चार्ज ,UPCOS का सेंटेज चार्ज एवं 18 पर्सेंट जीएसटी जमा करना पड़ेगा। इसी प्रकार श्रेणी 2, 3 एवं एक के कर्मचारियों के लिए भी न्यूनतम मानदेय निर्धारित किया गया है। शासन के इस आदेश से प्रदेश में कार्यरत सभी विभागों के आउटसोर्स कर्मियों को तत्काल लाभ मिलेगा। 2 नवंबर के आदेश के क्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपने आउटसोर्स कर्मचारी के लिए बजट का आवंटन भी कर दिया है।
सभी विभागों में बजट आवंटन की प्रक्रिया गतिमान है।
आउटसोर्स कर्मियों के सेवा संरक्षण के संबंध में शासन द्वारा निगम के गठन के साथ ही पहले ही आदेश जारी किया जा चुका है।आउटसोर्स कर्मचारी निगम गठन के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को विभाग द्वारा कार्मिकों की मांग को निगम द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से विभाग को सेवा प्रदान कराई जाएगी।
आउटसोर्सिंग एजेंसी से कार्मिकों को प्रत्येक माह की 1 तारीख से 5 तारीख तक पारिश्रमिक उपलब्ध कराया जाएगा, कार्मिकों के ईपीएफ तथा ESI के खाते खुलवाकर धनराशि उनके खाते में जमा कराई जाएगी, कार्मिकों की कार्य क्षमता एवं दक्षता बढ़ाए जाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एससी/ एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, महिलाओं एवं ईडब्ल्यूएस तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित एवं भूतपूर्व सैनिकों को नियमानुसार आरक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा प्रत्येक दशा में माह की 5 तारीख तक आउटसोर्स कर्मियों के खाते में पारिश्रमिक जमा करना होगा। नए आउटसोर्सिंग कार्मिकों एवं पुराने आउटसोर्सिंग कार्मिकों का इपीएफ एवं ESI का खाता यदि नहीं खुला है, तो उनका खाता खुलवाना एवं धनराशि कार्मिकों के खाते में जमा कराना आउटसोर्स एजेंसी की प्राथमिकता होगी।
मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारी निगम का गठन करके एवं उसका लाभ सितंबर 2026 से प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों को देने के आदेश करा कर आउटसोर्स कर्मियों को शोषण से मुक्ति दिलाने का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के साथ किया गया वादा निभाया है। इस कार्य के लिए संयुक्त परिषद उनका पुनः अभिनंदन एवं वंदन करती है। संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने मुख्यमंत्री जी के इस आदेश का स्वागत करते हुए संविदा कर्मियों के भविष्य संरक्षण के लिए भी विनियमितीकरण नियमावली जारी कराए जाने का अनुरोध किया है ।




