क्रासर
भजन-सत्संग के बीच गूंजा प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश, ‘एक परिचय’ पुस्तक का हुआ विमोचन
फर्रुखाबाद। परम संत महाराज जगमोहन नारायण जी की 125वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। कानपुर रोड स्थित समाधि मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संतों, वरिष्ठ आचार्यों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। सत्संग, भजन संध्या और प्रभात फेरी के माध्यम से संत महाराज की शिक्षाओं को स्मरण किया गया। पूरे आयोजन में प्रेम, आपसी सद्भाव, भाईचारे और मानवता का संदेश प्रमुखता से दिया गया।
जयंती समारोह का आयोजन संत जगमोहन नारायण जी के प्रपौत्र विनय कुमार और समीर कुमार की ओर से किया गया। समाधि मंदिर परिसर में आयोजित सत्संग में रामाश्रम सत्संग की विभिन्न धाराओं से जुड़े वरिष्ठ आचार्य एवं श्रद्धालु पहुंचे। अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप प्रदान किया। सत्संग के दौरान संत महाराज के आध्यात्मिक जीवन, साधना और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
महाराज जगमोहन नारायण जी संत मत के प्रणेता परम पूज्य लाला महाराज उर्फ रामचंद्र सहाय के पुत्र थे। समाधि मंदिर परिसर में दोनों संतों की समाधियां स्थित हैं। जयंती के अवसर पर उनके आध्यात्मिक योगदान और मानव कल्याण के लिए दिए गए संदेशों को याद किया गया। श्रद्धालुओं ने संतों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
समारोह के दौरान महाराज जगमोहन नारायण जी के जीवन और आध्यात्मिक योगदान पर आधारित पुस्तक ‘एक परिचय’ का विमोचन किया गया। पुस्तक के माध्यम से उनके जीवन, साधना और आध्यात्मिक विचारों को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पुस्तक को संत महाराज के जीवन और शिक्षाओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम में आयोजित भजन संध्या ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्ति संगीत को समर्पित ‘करूं इल्तिजा’ बैंड ने अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शिवानी और बैंड के कलाकारों ने लाला जी महाराज के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। समाधि मंदिर परिसर में देर तक भजन और आध्यात्मिक संगीत की गूंज बनी रही।
जयंती समारोह के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का भाव देखने को मिला।
इसी क्रम में सोमवार सुबह सात बजे समाधि स्थल से भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी फतेहगढ़ बाजार तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति गीतों और आध्यात्मिक जयघोष के बीच निकली प्रभात फेरी ने नगर में धार्मिक वातावरण बना दिया। संत जगमोहन नारायण जी की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों ने उनके आध्यात्मिक विचारों और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।






