एडीसीपी क्राइम आईपीएस किरण यादव के नेतृत्व में कार्रवाई, सुशांत गोल्फ सिटी, पारा, बीबीडी और चिनहट में पुलिस का सर्च ऑपरेशन; डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में सिम बॉक्स के दुरुपयोग का खुलासा
लखनऊ। राजधानी में साइबर अपराधियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित सिम बॉक्स नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के निर्देश पर एडीसीपी क्राइम आईपीएस किरण यादव के नेतृत्व में पुलिस की संयुक्त टीम ने चार थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने 6 अवैध 32-पोर्ट सिम बॉक्स बरामद किए।
पुलिस को अवैध सिम बॉक्स के संचालन से संबंधित तकनीकी जानकारी मिली थी। इसके बाद संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य तकनीकी तथ्यों का गहन विश्लेषण किया गया। दूरसंचार और इंटरनेट कंपनियों से मिली जानकारियों के आधार पर संदिग्ध ठिकानों की पहचान की गई।
31 अक्टूबर को साइबर थाना और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। पुलिस ने सुशांत गोल्फ सिटी के स्वाति अपार्टमेंट, पारा के आदर्श विहार स्थित आशीर्वाद बिल्डिंग, बीबीडी के गोल्ड लाइन अपार्टमेंट और चिनहट के जीजे पैराडाइज में तलाशी अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान कुल 6 अवैध 32-पोर्ट सिम बॉक्स बरामद किए गए। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके इस्तेमाल के उद्देश्य की जांच कर रही है।
सिम बॉक्स एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसमें एक साथ कई मोबाइल सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। इसके जरिए इंटरनेट आधारित कॉल को मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से संचालित किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल वैध दूरसंचार सेवाओं में भी हो सकता है, लेकिन अवैध रूप से इसका उपयोग कॉल के वास्तविक स्रोत और पहचान को छिपाने तथा बड़ी संख्या में कॉल करने के लिए किया जा सकता है।
एडीसीपी क्राइम आईपीएस किरण यादव के अनुसार, साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों में लोगों को फोन करके डराने और ठगी करने के लिए सिम बॉक्स तकनीक का दुरुपयोग कर सकते हैं।
इस कार्रवाई को राजधानी में साइबर अपराध के तकनीकी नेटवर्क पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच कर उनके संचालन, इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड और संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है।




