गोमती तट स्थित समाधि स्थल पर पहुंचे सपा प्रमुख, सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया नमन; समाजवादी विचारधारा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को किया याद
लखनऊ। महान समाजवादी चिंतक, शिक्षाविद् एवं स्वतंत्रता सेनानी आचार्य नरेंद्र देव की 137वीं जयंती के अवसर पर शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को राजधानी लखनऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गोमती नदी के तट स्थित आचार्य नरेंद्र देव के समाधि स्थल पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के सैकड़ों नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने आचार्य नरेंद्र देव को नमन करते हुए उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और देश तथा समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ उनके विचारों और समाजवादी आंदोलन में उनकी ऐतिहासिक भूमिका पर भी चर्चा हुई।
आचार्य नरेंद्र देव भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और समाजवादी विचारधारा के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक समानता, लोकतांत्रिक मूल्यों और शोषणमुक्त समाज की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका मानना था कि समाज में वास्तविक परिवर्तन शिक्षा, जागरूकता और समान अवसरों के माध्यम से ही संभव है। यही वजह है कि उनके विचार आज भी राजनीतिक और सामाजिक विमर्श में प्रासंगिक बने हुए हैं।
कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान आचार्य नरेंद्र देव के विचारों और समाजवादी आंदोलन में उनके योगदान पर अपनी बात रखी। उनका वक्तव्य कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी आचार्य नरेंद्र देव के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज के कमजोर, वंचित तथा शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
आचार्य नरेंद्र देव की जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। राजधानी में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को भी आचार्य नरेंद्र देव के ऐतिहासिक योगदान और उनके विचारों से परिचित कराने का संदेश दिया गया।

