नई दिल्ली। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर भैया दूज तक राजधानी में रैलियों और धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की है। सीटीआई ने कहा है कि त्योहारों के दौरान दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और अन्य कामों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विरोध प्रदर्शनों से आम जनता और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सीटीआई ने मांग की है कि 11 नवंबर यानी भैया दूज तक दिल्ली में किसी भी रैली, धरना-प्रदर्शन या प्रोटेस्ट मार्च की अनुमति न दी जाए। संगठन ने विशेष रूप से कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, रामलीला मैदान, इंडिया गेट, राजघाट और दिल्ली गेट सहित सेंट्रल दिल्ली तथा पुरानी दिल्ली के इलाकों में ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने की अपील की है।

व्यापारी संगठन का कहना है कि रैलियों और प्रदर्शनों के कारण कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होता है। इससे बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच मुश्किल हो जाती है और दुकानदारों के कारोबार पर असर पड़ता है। त्योहारों के महत्वपूर्ण समय में ऐसी गतिविधियों से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सीटीआई ने अपने पत्र में दावा किया है कि दिल्ली में रैलियों और प्रदर्शनों के कारण व्यापार को करीब 14 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से त्योहारों के दौरान बाजारों में सुचारु यातायात और व्यापारिक गतिविधियां बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।