अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जाति की जड़ता समाज को विभाजित करती है, जबकि साझा आस्था और संस्कृति लोगों को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है। श्री अयोध्या जी का दीपोत्सव सामाजिक समरसता और एकता का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं की पहचान भी है। दीपोत्सव के माध्यम से देश-दुनिया के लोगों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे जन-जन के उत्सव में बदलने का काम किया है। अयोध्या में विकास कार्यों और भव्य आयोजनों से धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिल रही है।

उन्होंने कहा कि दीपोत्सव का संदेश समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सद्भाव को मजबूत करना है। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज को भेदभाव से ऊपर उठना चाहिए। साझा आस्था और संस्कृति ही देश की एकता तथा सामाजिक समरसता की सबसे बड़ी ताकत हैं।