- गुरुकुल वर्ल्ड स्कूल और क्रिश्चियन इंटर कॉलेज पहुंचे अधिकारी, दोनों केंद्रों पर 768 में से 526 अभ्यर्थी मिले उपस्थित
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने शुक्रवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी गुरुकुल वर्ल्ड स्कूल तथा क्रिश्चियन इंटर कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने परीक्षा कक्षों, अभ्यर्थियों की उपस्थिति, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गुरुकुल वर्ल्ड स्कूल में कुल 384 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 262 उपस्थित और 122 अनुपस्थित मिले। वहीं क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में 384 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 264 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 120 अनुपस्थित रहे।
इस प्रकार दोनों केंद्रों पर कुल 768 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 526 उपस्थित हुए और 242 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। दोनों केंद्रों पर उपस्थिति का कुल प्रतिशत लगभग 68.49 रहा।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों को आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा अनुचित साधनों के इस्तेमाल की संभावना को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जाए।
उन्होंने प्रवेश और निकास व्यवस्था सुव्यवस्थित रखने तथा परीक्षा केंद्रों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने देने के निर्देश दिए। ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ अपने दायित्व निभाने को कहा।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्रों के आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने, अभ्यर्थियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने पर विशेष जोर दिया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

