मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गढ़िया ढीलावल गांव में देर रात हुआ हादसा, ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू, दुकानदार ने जताई साजिश की आशंका
फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गढ़िया ढीलावल गांव में बृहस्पतिवार देर रात एक किराना दुकान में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने दुकान में रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में दुकानदार ओमप्रकाश कश्यप का करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने से पीड़ित दुकानदार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, गढ़िया ढीलावल गांव निवासी ओमप्रकाश कश्यप की सड़क किनारे किराने की दुकान है। वह रोजाना की तरह बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे अपनी दुकान बंद करके सोने चले गए थे। दुकान से कुछ दूरी पर स्थित अन्य दुकानों के बाहर पड़े तख्त पर वह सो रहे थे। रात करीब साढ़े 12 बजे अचानक उनकी दुकान से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों ने शोर मचाया, जिससे मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
दुकान में आग लगने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। लोगों ने उपलब्ध संसाधनों की मदद से काफी देर तक मशक्कत की। सामूहिक प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था।
पीड़ित दुकानदार ओमप्रकाश कश्यप के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें सामान बचाने का मौका तक नहीं मिल सका। दुकान में रखा फ्रिजर, आटा, दालें, चीनी, चावल और अन्य किराने का सामान आग की चपेट में आ गया। अग्निकांड में करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। दुकान में रखा सामान जलने से उनकी रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है।
घटना को लेकर दुकानदार ओमप्रकाश कश्यप ने आशंका जताई है कि उनकी दुकान में किसी ने जानबूझकर आग लगाई है। उनका कहना है कि आग लगने की परिस्थितियां संदिग्ध हैं। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि आग दुर्घटनावश लगी या किसी ने जानबूझकर घटना को अंजाम दिया।
इस अग्निकांड ने ओमप्रकाश कश्यप की दुकान में रखा मेहनत का सामान कुछ ही देर में नष्ट कर दिया। दुकान ही उनकी आजीविका का साधन थी। ऐसे में अचानक हुए इस नुकसान से परिवार के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। पीड़ित को उम्मीद है कि मामले की जांच कर आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा और उन्हें उचित सहायता मिल सकेगी।

