- पूर्ण परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच के बाद ही होगा सत्यापन

- शेष कार्य समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश

फर्रुखाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ समीक्षा बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में आयोजित बैठक में उन्होंने निर्माणाधीन, पूर्ण और संचालित पाइप पेयजल परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की हिदायत दी।

बैठक में जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता एम.क्यू. हाशमी ने बताया कि जनपद में जल जीवन मिशन के तहत कुल 378 परियोजनाएं स्वीकृत एवं लक्षित हैं। इनके माध्यम से जिले के 718 राजस्व ग्रामों को पाइप पेयजल आपूर्ति से संतृप्त किया जाना है। परियोजनाओं के निर्माण की जिम्मेदारी फेज-2 में मैसर्स जीवीपीआर और फेज-3 में मैसर्स वीटीएल गजा को सौंपी गई है। अब तक कार्यदायी संस्थाओं ने कुल 150 परियोजनाओं का निर्माण पूरा कर लिया है।

डीएम ने निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का जनपद स्तरीय अधिकारियों से स्थलीय निरीक्षण कराकर गुणवत्ता का सत्यापन कराया जाए। जांच में पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंप हाउस और अन्य निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता के साथ वास्तविक पेयजल आपूर्ति की स्थिति भी परखी जाए।

केवल निर्माण पूरा होना पर्याप्त नहीं, घरों तक पहुंचे पानी

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल पाइपलाइन बिछाना या टंकियों का निर्माण कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को नियमित और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है। इसलिए पूर्ण परियोजनाओं वाले गांवों में पानी की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पाइपलाइन में लीकेज अथवा तकनीकी खराबी की शिकायत मिलने पर तत्काल समाधान कराया जाए।

उन्होंने शेष परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और भौतिक प्रगति के साथ जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति की भी समीक्षा करने को कहा गया।

डीएम ने यह भी निर्देशित किया कि परियोजनाओं के हस्तांतरण से पहले सभी तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएं। ग्राम पंचायतों और संबंधित कर्मचारियों को संचालन एवं रखरखाव का प्रशिक्षण भी दिया जाए, जिससे योजनाएं लंबे समय तक सुचारु रूप से चलती रहें।

बैठक में जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।