क्रासर
सरकारी राशन वितरण में अनियमितता का मामला उजागर, दुकान का अनुबंध निलंबित
फर्रुखाबाद। जिले में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी और खाद्यान्न की कालाबाजारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। शमशाबाद ब्लॉक के वाजिदपुर गांव में राशन वितरण में अनियमितता के आरोप में कोटेदार रेशमा देवी और उनके बेटे विमलेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जांच के दौरान 249.84 क्विंटल खाद्यान्न गायब मिलने का मामला सामने आने के बाद पूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय कार्रवाई के तहत संबंधित राशन दुकान का अनुबंध भी निलंबित कर दिया गया है।
मामले में पूर्ति निरीक्षक सुधांशु यादव ने कोटेदार रेशमा देवी और उनके बेटे विमलेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सरकारी खाद्यान्न के वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जांच के आधार पर कार्रवाई की है। जांच में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिलने से सरकारी राशन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मुफ्त एवं रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराना कोटेदारों की जिम्मेदारी होती है। लेकिन वाजिदपुर में सामने आए इस मामले ने सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में कथित गड़बड़ी की पोल खोल दी है।
जांच में 249.84 क्विंटल खाद्यान्न गायब मिलने का मामला सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने संबंधित दुकान के अनुबंध को निलंबित कर दिया है। वहीं, मां-बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने से मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। अब इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित विभागीय अधिकारियों की जांच के आधार पर की जाएगी।
सरकारी राशन की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितता के मामलों पर शासन स्तर से लगातार सख्ती बरतने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। ऐसे में वाजिदपुर का यह मामला गरीबों के हक के राशन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों पर ही गड़बड़ी के आरोप लगने से ग्रामीणों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल कोटेदार मां-बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आए खाद्यान्न के अंतर और कथित कालाबाजारी के आरोपों के संबंध में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।




