बुखार, त्वचा, श्वांस और मधुमेह समेत विभिन्न बीमारियों की हुई जांच, 142 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने संभाली स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी
34 केंद्रों पर लगा आरोग्य मेला
जनपद में रविवार को 34 प्राथमिक एवं नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में आयोजित मेले में 35 चिकित्सकों एवं 142 पैरामेडिकल कर्मचारियों ने मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। मेले का उद्देश्य लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही जांच, उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना रहा।
1251 मरीजों का हुआ पंजीकरण
आरोग्य मेले में कुल 1251 मरीजों ने पहुंचकर उपचार प्राप्त किया। इनमें 569 पुरुष, 520 महिलाएं और 162 बच्चे शामिल रहे। मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही 39 गर्भवती महिलाओं की भी स्वास्थ्य जांच की गई।
त्वचा और अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक
मेले में त्वचा संबंधी समस्याओं के 337, अन्य बीमारियों के 383, श्वांस संबंधी 165, गैस्ट्रो संबंधी 158, मधुमेह के 166, बुखार के 230, उच्च रक्तचाप के 66 तथा लीवर संबंधी 42 मरीजों का उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त 11 लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए परामर्श दिया गया तथा तीन लोगों की आंखों की जांच की गई।
मलेरिया और डेंगू की भी हुई जांच
मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए मेले में 85 मरीजों की मलेरिया तथा 35 मरीजों की डेंगू जांच की गई। जांच में मलेरिया और डेंगू का कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया। वहीं 34 लोगों के हेपेटाइटिस-बी तथा 30 लोगों के हेपेटाइटिस-सी कार्ड टेस्ट किए गए। टीबी के 18 संदिग्ध मरीज चिह्नित किए गए तथा 29 लोगों की कोविड जांच भी की गई।
13 मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर किया रेफर
आरोग्य मेले में बेहतर एवं विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाले 13 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। इसके अलावा दो लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाए रखने तथा आरोग्य मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज को समुचित उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर जोर दिया।


