कमालगंज ब्लॉक की 12 सहकारी समितियों में से 11 पर खाद वितरण का दावा, फिर भी नहीं थम रही किसानों की मारामारी; कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग

कमालगंज। आलू की फसल की बुवाई और बेहतर पैदावार की तैयारी में जुटे किसानों को खाद के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र की 12 सहकारी समितियों में से 11 पर डीएपी और एनपीके खाद वितरित किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद समितियों पर किसानों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। किसानों का आरोप है कि बाजार में खाद निर्धारित मूल्य से करीब 350 रुपये प्रति बोरी अधिक कीमत पर बेची जा रही है। ऐसे में किसान सहकारी समितियों से खाद लेने के लिए लगातार चक्कर लगा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र में कुल 12 सहकारी समितियां संचालित हैं। इनमें बलीपुर समिति को छोड़कर शेष 11 समितियों पर डीएपी और एनपीके खाद का वितरण किया जा रहा है। सहकारी समितियों में खाताधारक किसानों को उधार पर खाद उपलब्ध कराई जाती है। इससे मध्यम और छोटी जोत वाले किसानों को काफी राहत मिलती है। यही वजह है कि अधिकतर किसान बाजार के बजाय समितियों से खाद खरीदना पसंद कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि बाजार में दुकानदार निर्धारित कीमत से करीब 350 रुपये प्रति बोरी अधिक वसूल रहे हैं। इससे खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों का आरोप है कि यदि बाजार में खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जाए तो सहकारी समितियों पर लगने वाली भीड़ में भी कमी आ सकती है। निर्धारित मूल्य पर खाद नहीं मिलने के कारण किसान परेशान हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कमालगंज सहकारी समिति पर लगातार दो दिनों से खाद का वितरण किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद किसानों की भीड़ कम नहीं हो रही है। बुधवार को भी सुबह से शाम तक समिति पर किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। किसान अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। वहीं, रजीपुर और खुदागंज सहकारी समिति पर बुधवार को खाद का वितरण नहीं हुआ, जिससे इन क्षेत्रों के किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ी।

दोनों समितियों का प्रभार संभाल रहे सचिव राजीव सिंह ने बताया कि खाद का अग्रिम स्टॉक मंगाने के लिए वह कमालगंज सहकारी बैंक में रुपये जमा करने आए थे। उन्होंने बताया कि खुदागंज और रजीपुर समितियों पर डीएपी और एनपीके खाद उपलब्ध है। बृहस्पतिवार से दोनों स्थानों पर खाद वितरण शुरू कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि कतरौलीपट्टी स्थित सहकारी समिति पर पहली बार खाद का वितरण किया गया है। इसके बावजूद वहां अब तक करीब 25 लाख रुपये की खाद वितरित हो चुकी है। खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए 20 मीट्रिक टन खाद की एक और चेक लगाई गई है, ताकि किसानों को आगे भी खाद मिलती रहे।

इस संबंध में एडीओ सहकारिता योगेंद्र प्रताप ने बताया कि सहकारी समितियों पर निर्धारित मानकों के अनुसार खाद का वितरण कराया जा रहा है। किसानों को नियमानुसार खाद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, किसानों ने बाजार में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने की शिकायतों पर कार्रवाई करने और सभी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।