19 एकड़ जमीन की मांग, 200 बेड और 50 बेड के दो अस्पतालों के साथ तीन 30 बेड के सीएचसी बनेंगे; लाखों लोगों को मिलेगा लाभ
लखनऊ। राजधानी के तेजी से विकसित हो रहे नए आवासीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की तैयारी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शहर के विभिन्न इलाकों में पांच नए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए जिलाधिकारी से करीब 19 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
प्रस्ताव के तहत एक 200 बेड का संयुक्त चिकित्सालय, एक 50 बेड का अस्पताल और तीन 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी के लाखों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
चक कंजेहरा क्षेत्र में बनेगा 200 बेड का अस्पताल
200 बेड का संयुक्त चिकित्सालय चक कंजेहरा, माढ़रमऊ खुर्द, माढ़रमऊ कला और लखनऊ-सुलतानपुर रोड के आसपास प्रस्तावित है। इस अस्पताल से करीब 5 से 7 लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
वृंदावन योजना के सेक्टर-14 में 50 बेड का अस्पताल प्रस्तावित है। इससे वृंदावन योजना और अवध विहार योजना के करीब 3 से 4 लाख निवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा है। इनमें अल्लूनगर-डिगुरिया के विस्तारित क्षेत्र में पहला सीएचसी बनाया जाएगा, जिससे करीब 2 से 2.5 लाख की आबादी को लाभ मिलेगा।
दूसरा सीएचसी मटियारी-देवा रोड, तकरोही, नौबस्ता कला अथवा धावा क्षेत्र में प्रस्तावित है। इससे करीब 2 लाख लोगों को चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
तीसरा सीएचसी आगरा एक्सप्रेसवे के पास सरोसा-भरोसा गांव में बनाने की योजना है। इससे करीब 1 से 1.15 लाख आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, राजधानी के पिछड़े क्षेत्रों और हाईवे के आसपास स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कवायद शुरू की गई है। जिलाधिकारी से जमीन मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी।
इन पांच स्वास्थ्य परियोजनाओं के साकार होने से राजधानी के बाहरी और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, फिलहाल ये सभी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।


