नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस का आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का इतिहास काफी पुराना रहा है। करीब 60 साल पहले भी पुलिसकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था। मई 1966 में 7,000 से अधिक पुलिसकर्मी बेहतर कामकाजी परिस्थितियों, उचित ड्यूटी समय और वेतन-भत्तों में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन पर उतर आए थे।

उस समय पुलिसकर्मियों की प्रमुख मांग थी कि उन्हें काम के अनुसार उचित सुविधाएं दी जाएं और लंबे कार्य घंटों से राहत मिले। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के एक साथ आंदोलन में शामिल होने से पुलिस विभाग और प्रशासन के सामने गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी।

आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए तत्कालीन प्रशासन ने सख्त कदम उठाए थे। कई पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि कुछ को उनकी बैरकों में बंद कर दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग के भीतर काफी हलचल मची थी।

करीब छह दशक बाद दिल्ली पुलिस के विरोध प्रदर्शन की चर्चा एक बार फिर सामने आई है। पुलिसकर्मियों की मांगों, कामकाजी परिस्थितियों और विभागीय व्यवस्था को लेकर यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। 1966 का आंदोलन आज भी दिल्ली पुलिस के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है।