बोले- इनके राजनीतिक आकाओं को यह सब मंजूर होगा, हमें नहीं

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के पिता को लेकर कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस तरह की गतिविधियों के पीछे राजनीतिक संरक्षण होने का सवाल उठाया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली ऐसी सामग्री से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित व्यक्ति के सभी कार्यक्रम रद्द किए जाने की मांग भी उठाई है।

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि आखिर ऐसे लोग किसके कहने पर सक्रिय हैं। पहले भगवान श्रीकृष्ण के बारे में विवादित वीडियो सामने आया और अब भगवान श्रीराम के पिता को लेकर अभद्र सामग्री प्रसारित किए जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की गतिविधियों को किसका संरक्षण प्राप्त है और इसके पीछे कौन लोग हैं।

सपा अध्यक्ष ने अपनी पोस्ट में कहा, "ये सनातन विरोधी किसके कहने पर सक्रिय हैं। पहले भगवान कृष्ण के बारे में विवादित वीडियो आया, अब भगवान राम के पिता के बारे में अभद्रता की बात प्रसारित हो रही है। इसके राजनीतिक आकाओं को ये सब मंजूर होगा, हमें अंश मात्र भी स्वीकार्य नहीं है।"

उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं से जुड़े विषयों पर इस तरह की कथित अभद्रता समाज में तनाव और असहजता पैदा कर सकती है। अखिलेश ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए संबंधित व्यक्ति के सभी कार्यक्रम रद्द करने की मांग की।

अपनी पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव ने लिखा, "अब सच्चे सनातनी इनकी पर्ची लिखेंगे।" उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद धार्मिक भावनाओं, सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री और सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।