महादेवा कॉरिडोर में मिले मुआवजे में बहन को हिस्सा नहीं देना चाहता था भाई, ईंट से सिर और चेहरे पर वार कर की थी हत्या

बाराबंकी। रामनगर थाना क्षेत्र के महादेवा गांव में मंजू हत्याकांड का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश कर दिया। महादेवा कॉरिडोर में मकान जाने के बदले मिले करीब 42 लाख रुपये के मुआवजे में बहन को हिस्सा न देना पड़े, इसके लिए भाई ने पत्नी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने हत्यारोपित भाई संदीप और उसकी पत्नी शीतल उर्फ मायावती को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल ईंट भी बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक, बिंदौरा परसपुर निवासी वंदना ने एक नवंबर को अपनी बड़ी बहन मंजू (42) की हत्या किए जाने की तहरीर दी थी। आरोप था कि मंजू के भाई संदीप और उसकी पत्नी शीतल ने ईंट से वारकर उसकी हत्या कर दी। इस पर रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि संदीप का मकान महादेवा कॉरिडोर में चला गया था, जिसके एवज में उसे करीब 42 लाख रुपये मुआवजा मिला था। संदीप इस रकम में अपनी बहन मंजू को हिस्सा नहीं देना चाहता था। इसी बात को लेकर उसने पत्नी के साथ मिलकर मंजू की हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि 30 अक्टूबर को दोपहर में जब मंजू रसोई में खाना बना रही थी, तभी दोनों ने वहां रखी ईंट से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देश पर स्वाट, सर्विलांस और रामनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को गजपतिपुर मोड़ के पास से दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार संदीप के खिलाफ हत्या सहित कुल छह मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उसकी पत्नी शीतल के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। दोनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया है।