बाढ़ और आलू के कम दाम से ग्रामीणों की जेब पर असर, झाड़ू की बिक्री सबसे ज्यादा
अमृतपुर: धनतेरस पर्व को लेकर कस्बा अमृतपुर का बाजार पूरी तरह सज गया है। बाजार में मिट्टी के दीपक, गणेश-लक्ष्मी और कुबेर की मूर्तियों, बर्तनों तथा पूजन सामग्री की दुकानें आकर्षक ढंग से सजी हुई हैं। दुकानदारों ने त्योहार को लेकर पहले से ही तैयारियां कर रखी हैं। हालांकि बाजार में लोगों की आवाजाही तो दिखाई दे रही है, लेकिन खरीदारी की रफ्तार धीमी होने से व्यापारियों के चेहरे पर मायूसी नजर आ रही है।
धनतेरस पर खरीदारी को शुभ मानने की परंपरा के चलते बाजार में स्टील के बर्तन, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और पूजन सामग्री की दुकानें सजी हैं। गणेश-लक्ष्मी और कुबेर की मिट्टी की मूर्तियों के साथ पंचमुखी हनुमान जी की मूर्तियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके अलावा मिट्टी के दीपक और सजावटी सामान की दुकानें भी ग्राहकों का इंतजार कर रही हैं।
दुकानदार लकी पटवा ने बताया कि बाजार में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है, लेकिन बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही है। वहीं दुकानदार पवन गहलवार ने बताया कि इस बार दुकानों पर ग्राहक काफी कम पहुंच रहे हैं। त्योहार को लेकर पहले से सामान मंगाकर दुकानें सजाई गई थीं, लेकिन अब तक कारोबार में तेजी नहीं आई है।
व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में आई बाढ़ और आलू के कम दाम के चलते किसानों तथा ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आमदनी पर असर पड़ने से त्योहार के बाजार में भी इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। लोग जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार इस बार बाजार में सबसे अधिक बिक्री झाड़ू की हो रही है, जबकि बर्तन, मिट्टी की मूर्तियों और अन्य पूजन सामग्री की बिक्री अपेक्षाकृत कम है।
व्यापारियों को उम्मीद है कि धनतेरस के दिन शाम तक बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और खरीदारी में तेजी आएगी। फिलहाल बाजार में त्योहार की रौनक तो दिखाई दे रही है, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप बिक्री नहीं होने से छोटे दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है।





