फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश में संचारी रोगों पर नियंत्रण और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की अवधि 15 दिन बढ़ा दी गई है। अब विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान 15 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। पहले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक से 31 अक्टूबर तक और दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर तक चलाया जाना निर्धारित था। शासन ने अभियान के महत्व और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शासन स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। विशेष रूप से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम पर जोर दिया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मी लोगों को बताएंगे कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, पानी की टंकियों और अन्य जलपात्रों की नियमित सफाई करें, ताकि मच्छरों को पनपने का मौका न मिले। इसके साथ ही बुखार और अन्य लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह भी दी जाएगी।
दस्तक अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारी घर-घर पहुंचेंगे। टीमें परिवारों को बीमारियों के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी देंगी। घरों में बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान करने और संभावित मरीजों का ब्योरा जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को जांच और उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में भी मदद की जाएगी। लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के स्वयं दवा लेने के बजाय लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान में साफ-सफाई और मच्छर नियंत्रण को भी प्रमुखता दी जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर निकायों और पंचायतीराज विभाग की टीमें मिलकर काम करेंगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई, जलभराव दूर करने, कचरे का उचित निस्तारण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के प्रयास किए जाएंगे। लोगों को अपने घरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक किया जाएगा।



