कायमगंज, फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद जिले में एडेड कॉलेजों के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कानपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) और जिला इकाई के नेतृत्व में शिक्षकों ने 30 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गई हैं।

शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उनकी विभिन्न समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते शिक्षकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिक्षकों ने एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा और सरकार से समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की।

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने की है। शिक्षकों का मानना है कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रत्येक शिक्षक का अधिकार है। इसलिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए, जिससे सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को भविष्य में आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

इसके साथ ही शिक्षकों ने सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लाभ शिक्षा व्यवस्था को लंबे समय तक मिलना चाहिए। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षण कार्य की निरंतरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

शिक्षकों द्वारा सौंपे गए 30 सूत्री ज्ञापन में अन्य शैक्षिक और सेवा संबंधी समस्याओं को भी शामिल किया गया है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लिया जाए।

कानपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) और जिला इकाई के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया। शिक्षकों को उम्मीद है कि शासन उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएगा और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।