लखनऊ। दीपावली के त्योहार से पहले राजधानी लखनऊ में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ने लगी है। जिले में इंडेन गैस की करीब 80 एजेंसियों तक लगातार तीसरे दिन सिलेंडरों की सप्लाई नहीं पहुंच सकी। इस व्यवधान की मुख्य वजह ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल बताई जा रही है। गैस की ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टरों के काम बंद रखने से एजेंसियों तक सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति बाधित हो गई है। ऐसे में त्योहार से ठीक पहले घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को भी इंडेन की एजेंसियों को सिलेंडर नहीं मिल पाए। लगातार तीन दिनों से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण एजेंसियों के सामने उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने की चुनौती खड़ी हो सकती है। दीपावली के दौरान घरों में खाना बनाने और मेहमानों के आने-जाने के कारण रसोई गैस की जरूरत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे समय में सप्लाई बाधित होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का सीधा असर गैस वितरण व्यवस्था पर पड़ रहा है। गैस प्लांट से एजेंसियों तक सिलेंडर पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित होने के कारण वितरण की नियमित शृंखला टूट गई है। एजेंसियों तक नई खेप नहीं पहुंचने से उपलब्ध स्टॉक पर दबाव बढ़ने की आशंका है। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलने में देरी हो सकती है।

त्योहार से पहले गैस की मांग बढ़ने के कारण यह स्थिति और महत्वपूर्ण हो गई है। दीपावली के आसपास बड़ी संख्या में परिवार घरों में विशेष पकवान तैयार करते हैं। इसके अलावा मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने के लिए भी रसोई गैस की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में लगातार तीन दिनों तक आपूर्ति बाधित रहना घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे कारोबारियों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हड़ताल के चलते लखनऊ जिले की 80 इंडेन गैस एजेंसियों तक सिलेंडर नहीं पहुंच पाए हैं। हालांकि, हड़ताल समाप्त होने की समय-सीमा, आपूर्ति सामान्य होने की संभावित तारीख और प्रभावित एजेंसियों के पास उपलब्ध सिलेंडरों के स्टॉक को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को स्थिति स्पष्ट होने और गैस वितरण व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार है।

दीपावली से पहले पैदा हुई इस स्थिति में सबसे अहम सवाल यही है कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल कब समाप्त होगी और एजेंसियों तक सिलेंडरों की आपूर्ति कितनी जल्दी बहाल हो पाएगी। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो त्योहार के दौरान राजधानी के कई इलाकों में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।