वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी में विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर पाल समाज के लोगों पर हुई लाठीचार्ज की घटना, बांदा में नवजात बच्चे के साथ हुई घटना, धार्मिक भावनाओं, ईवीएम और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी।

अखिलेश यादव ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर पाल समाज के लोगों पर जिस तरीके से लाठियां चलाई गई थीं, उसे लोग भूले नहीं हैं। उसका जवाब मिल चुका है।

उन्होंने बांदा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि असली अराजकता चिकित्सा व्यवस्था में है, जहां एक नवजात बच्चे को कुत्ता नोच ले गया।

धार्मिक मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करने वाले एक बाबा के खिलाफ सनातनी लोग चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में बुलडोजर की कार्रवाई कहां चली गई?

ईवीएम के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी 80 की 80 लोकसभा सीटें भी जीत जाए, तब भी वह ईवीएम के खिलाफ है।

पीडीए की परिभाषा बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ मुस्लिम, जैन, बौद्ध, पारसी, सिख और ईसाई समुदाय शामिल हैं। आधी आबादी के साथ-साथ दुखी, पीड़ित और अपमानित लोग भी पीडीए का हिस्सा हैं।

वाराणसी के विकास पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह डबल हार वर्ष 2027 का संदेश है। उन्होंने क्योटो बनाने के वादे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कम से कम क्योटो नहीं बना पाए तो क्योटो की होर्डिंग ही लगा देते।