- बीकेटी में युग इंडिया कंपनी का खेल

- तालाब की सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत

- एलडीए और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध

लखनऊ। राजधानी के बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र के रैथा गांव में कथित अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। आउटर रिंग रोड स्थित रैथा रोड के आसपास कई एकड़ जमीन पर युग इंडिया कंपनी द्वारा प्लॉटिंग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, संबंधित जमीन पर बिना स्वीकृत मानचित्र और रेरा पंजीकरण के प्लॉट काटकर लोगों को बेचा जा रहा है।

आरोप है कि प्लॉटिंग के लिए आवश्यक विभागीय अनुमतियां नहीं ली गई हैं। इसके बावजूद जमीन की बिक्री की जा रही है। ऐसे में प्लॉट खरीदने वाले लोगों के सामने भविष्य में रजिस्ट्री, निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

मामले में एलडीए की नैमिष नगर योजना पर भी संभावित असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में अनियोजित प्लॉटिंग होने से नियोजित विकास और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

इससे भी गंभीर आरोप संबंधित क्षेत्र में तालाब की सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर लगाया गया है। यदि यह शिकायत सही पाई जाती है तो मामला सरकारी संपत्ति और जलस्रोतों के संरक्षण से जुड़ा होगा। इसके लिए राजस्व अभिलेखों के आधार पर जमीन की पैमाइश और सीमांकन कराए जाने की जरूरत है।

स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच एलडीए, राजस्व विभाग और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सवाल यह है कि संबंधित जमीन पर प्लॉटिंग की अनुमति है या नहीं, मानचित्र स्वीकृत है या नहीं और रेरा पंजीकरण की स्थिति क्या है।

अब प्रशासन से मांग की जा रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अवैध प्लॉटिंग अथवा सरकारी जमीन पर कब्जे की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल कंपनी पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आना बाकी है।