लखनऊ: राजधानी लखनऊ (Lucknow) में गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अहम बैठक से पहले पार्टी कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टर (poster) चर्चा का विषय बन गए। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में ‘दोगलों से सावधान’ लिखा है और साथ में बसपा प्रमुख मायावती की तस्वीर के अलावा लाल टोपी भी दिखाई गई है। लाल टोपी को समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है।

अब तक पोस्टरबाजी की राजनीति से दूरी बनाए रखने वाली बसपा के कार्यालय के बाहर इस तरह के पोस्टर लगाए जाने को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। पोस्टर में किसी नेता का नाम नहीं लिखा गया है, लेकिन लाल टोपी के इस्तेमाल को अखिलेश यादव और सपा से जोड़कर देखा जा रहा है।

बसपा समर्थकों की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों को सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण पर निशाना माना जा रहा है। इसके साथ ही पोस्टर के जरिए चंद्रशेखर पर भी राजनीतिक हमला किए जाने की चर्चा है। इससे पहले भाजपा और सपा के बीच पोस्टरबाजी देखने को मिलती रही है।

इस बीच बसपा प्रमुख मायावती ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी की गतिविधियां तेज कर दी हैं। गुरुवार की बैठक में उन्होंने छह दिसंबर को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की।

मायावती ने बताया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में विशाल श्रद्धा-सुमन समारोह आयोजित किया जाएगा। बैठक में सभी 75 जिलाध्यक्षों के साथ मंडल और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान बूथ स्तर तक संगठन की तैयारियों और विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की स्थिति की समीक्षा भी की गई।