नई दिल्ली। दिल्ली में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को वैश्विक मेडिकल हब बनाने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा। इसके तहत दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी की सीटों में बढ़ोतरी की जा रही है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, दिल्ली में एमबीबीएस की सीटें 595 से बढ़ाकर 820 की जाएंगी। वहीं, पीजी की सीटों की संख्या 553 से बढ़ाकर 762 करने की योजना है। इस फैसले से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अधिक अवसर मिल सकेंगे और डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में 805.99 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज विकसित किया जा रहा है। वहीं, अस्पतालों के विस्तार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 503 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य राजधानी में चिकित्सा सेवाओं की क्षमता बढ़ाना और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर चिंता जताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार प्रति एक हजार आबादी पर पांच मेडिकल बेड होने चाहिए, जबकि दिल्ली में सरकारी क्षेत्र में केवल दो और सरकारी व निजी क्षेत्र को मिलाकर करीब 2.5 बेड उपलब्ध हैं। सरकार इसी कमी को दूर करने के लिए अस्पतालों के विस्तार पर जोर दे रही है।