शमशाबाद, फर्रुखाबाद। शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर ऐतिहासिक और प्रसिद्ध ढाई घाट गंगा तट पर रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह तड़के से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचने लगे। लोगों ने गंगा मैया की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पर्व को लेकर शहर से लेकर गांवों तक उत्साह का माहौल रहा। श्रद्धालु निजी वाहनों, दोपहिया और चौपहिया वाहनों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से घाट की ओर रवाना हुए। वहीं, भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी।

रविवार सुबह होते ही आसपास के गांवों में पर्व की रौनक दिखाई देने लगी। शरद पूर्णिमा को लेकर घरों में पहले से ही तैयारियां की गई थीं। कई परिवारों में पूड़ी-पकवान बनाए गए और पूजा-अर्चना के बाद लोग गंगा स्नान के लिए निकल पड़े। महिलाओं की टोलियां ढोलक की थाप पर भजन गाती और मंगल गीत गुनगुनाती हुई घाट की ओर बढ़ रही थीं। वाहनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से रास्तों पर चहल-पहल बनी रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, ढाई घाट पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई।

ढाई घाट पहुंचकर श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार गंगा में स्नान किया। इसके बाद गंगा मैया की पूजा-अर्चना कर पुष्प और प्रसाद अर्पित किया। अनेक श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। गंगा तट पर सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं। श्रद्धालुओं के समूह स्नान और पूजा-पाठ में जुटे दिखाई दिए। पर्व को लेकर लोगों में विशेष उत्साह नजर आया।

गंगा स्नान के लिए केवल शमशाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों से ही नहीं, बल्कि फर्रुखाबाद शहर तथा दूसरे जनपदों से भी श्रद्धालु पहुंचे। सुबह तड़के शुरू हुआ स्नान का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ घाट पर पहुंचने से पूरे क्षेत्र में धार्मिक मेले जैसा माहौल बन गया। परिवारों के साथ आए श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाकर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की थी। फैजबाग, शमशाबाद और गंगा रोड समेत प्रमुख तिराहों और चौराहों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। पुलिसकर्मी वाहनों की आवाजाही पर नजर रखते हुए जाम की स्थिति बनने से रोकने का प्रयास कर रहे थे। घाट तक पहुंचने वाले मार्गों पर भीड़ को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे।

हालांकि, श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की ओर से किराया वसूली को लेकर भी लोगों की परेशानी सामने आई। आरोप है कि श्रद्धालुओं को ढाई घाट तक पहुंचाने के नाम पर ऑटो और ई-रिक्शा चालक प्रति यात्री 30-30 रुपये वसूल रहे थे। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को घाट तक पहुंचने के लिए स्थानीय वाहनों का सहारा लेना पड़ा। ऐसे में किराये को लेकर श्रद्धालुओं के बीच असंतोष देखने को मिला।

सुरक्षा के लिहाज से गंगा घाट पर भी विशेष इंतजाम किए गए थे। गंगा में जिन स्थानों पर पानी का बहाव या अन्य परिस्थितियां संभावित खतरा पैदा कर सकती थीं, वहां बैरिकेडिंग की गई थी। स्नान के दौरान किसी अनहोनी को रोकने के लिए गोताखोरों की व्यवस्था भी की गई। पुलिस प्रशासन स्टीमर के माध्यम से गंगा में निगरानी कर रहा था, ताकि श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।