जांच में 249.84 क्विंटल खाद्यान्न की अनियमितता उजागर
फर्रुखाबाद। शमशाबाद विकासखंड के वाजिदपुर गांव में सरकारी राशन वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्ति विभाग की ओर से कराई गई जांच में सरकारी राशन की दुकान से 249.84 क्विंटल खाद्यान्न की अनियमितता उजागर हुई है। मामले में विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए कोटेदार रेशमा देवी और उनके बेटे विमलेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। दोनों पर सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी करने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि राशन की दुकान से बड़ी मात्रा में विभिन्न खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला। इसमें 67.76 क्विंटल गेहूं, 98.80 क्विंटल चावल, 46.74 क्विंटल मक्का, 33.43 क्विंटल बाजरा और 1.11 क्विंटल चीनी शामिल है। इस तरह कुल 249.84 क्विंटल खाद्यान्न की अनियमितता पाई गई। खाद्यान्न की इतनी बड़ी मात्रा का हिसाब न मिलने से सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
बताया गया कि वाजिदपुर गांव के राशन कार्डधारकों ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर अनियमितता और राशन की कालाबाजारी किए जाने की शिकायत अधिकारियों से की थी। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई। जांच की जिम्मेदारी पूर्ति निरीक्षक सुधांशु यादव को सौंपी गई। जांच के दौरान खाद्यान्न के अभिलेखों और वितरण से संबंधित विवरणों की पड़ताल की गई, जिसमें शिकायतों के आरोप सही पाए गए।
इसके बाद पूर्ति निरीक्षक सुधांशु यादव ने कोटेदार रेशमा देवी और उनके बेटे विमलेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मामले में अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी अनिल कुमार यादव ने बताया कि जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद 4 नवंबर को वाजिदपुर की सरकारी राशन दुकान का अनुबंध निलंबित कर दिया गया था। दुकान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने बताया कि सरकारी राशन वितरण में गड़बड़ी और अनियमितता को गंभीरता से लिया जा रहा है। पात्र लाभार्थियों तक शासन की ओर से निर्धारित खाद्यान्न पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है।
राशन दुकान का अनुबंध निलंबित होने के बाद क्षेत्र के राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न मिलने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। वाजिदपुर की राशन दुकान को नजदीकी गांव के कोटेदार दिनेश कुमार की दुकान से संबद्ध कर दिया गया है। अब संबंधित राशन कार्डधारक दिनेश कुमार की दुकान से अपना निर्धारित खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। विभाग का कहना है कि वितरण व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।



